Theft Of The Bike Can Prevent The 250 Rupees Device
बाइक की चोरी रोक सकती है 250 रुपए की ये डिवाइस
बाइक की चोरी महज 250 रुपए की डिवाइस रोक सकती है। यह डिवाइस आठवीं पास युवक ने बनाई है।
यह युवक राजस्थान के पोकरण का रहने वाला कमल किशोर माली है। कमल ने अपनी लगन व हौंसले से एक ऐसी डिवाइस तैयार की है जिसके जरिए मोबाइल से आप अपने वाहन को लॉक कर सकते है और उसे खोल सकते है।
यह डिवाइस तैयार करने की प्रेरणा कमल को बाइक चोरी की बढ़ती वारदातों से जुड़ी खबरें पढ़कर मिली। इसे बनाने में उसे करीब एक माह लग गए। कमल का कहना है कि इससे बाइक चोरी की वारदातों को रोका जा सकता है। मोबाइल खर्च को छोड़ दे, तो इस डिवाइस की कॉस्टिंग महज 250 रुपए आई है।
जानिए कैसे काम करती है ये डिवाइस
पेशे से मैकेनिक कमल किशोर ने बताया कि उसने अपनी ही बाइक पर सबसे पहले इस डिवाइस का प्रयोग किया और इसके बारे में किसी को भी नहीं बताया।
जब कोई उससे उसकी बाइक मांग कर ले जाता तो वह उसके कुछ दूर जाने के बाद मोबाइल से बाइक को बंद कर देता। वह कितनी भी कोशिश कर लें उसे स्टार्ट नहीं कर पाता और बाइक सवार थक हार कर उसको बाइक लौटा जाता।
वैसे इस बाइक को मोबाइल से अनलॉक भी किया जा सकता है। इसके लिए बाइक में लगे फोन से कॉल करना पड़ेगा। जिस मोबाइल से अनलॉक किया है, उस पर कॉल रिसीव होने के बाद ही बाइक स्टार्ट हो सकती है। यानि इस डिवाइस के साथ दो मोबाइल होना जरुरी है।
मोबाइल का महंगा होना जरुरी नहीं
कमल किशोर के अनुसार, बाइक पर लगाया जाने वाले मोबाइल का महंगा होना जरुरी नहीं है, इसमें कम कीमत वाला फोन भी लगा सकते हैं। दूसरा फोन एक वाहन मालिक के पास होना जरुरी है। कुल मिलाकर कहें तो बाइक पर लगा मोबाइल वाहन स्वामी के पर्सनल मोबाइल से कनेक्टेड रहेगा जिससे कि बाइक पर लगे मोबाइल पर कॉल करने से बाइक स्टार्ट या आॅफ की जा सकती है। इतना ही नहीं आप इस डिवाइस की मदद से अपनी बाइक की लोकेशन भी पता कर सकते हैं।
बाइक की चोरी महज 250 रुपए की डिवाइस रोक सकती है। यह डिवाइस आठवीं पास युवक ने बनाई है।
यह युवक राजस्थान के पोकरण का रहने वाला कमल किशोर माली है। कमल ने अपनी लगन व हौंसले से एक ऐसी डिवाइस तैयार की है जिसके जरिए मोबाइल से आप अपने वाहन को लॉक कर सकते है और उसे खोल सकते है।

यह डिवाइस तैयार करने की प्रेरणा कमल को बाइक चोरी की बढ़ती वारदातों से जुड़ी खबरें पढ़कर मिली। इसे बनाने में उसे करीब एक माह लग गए। कमल का कहना है कि इससे बाइक चोरी की वारदातों को रोका जा सकता है। मोबाइल खर्च को छोड़ दे, तो इस डिवाइस की कॉस्टिंग महज 250 रुपए आई है।
जानिए कैसे काम करती है ये डिवाइस
पेशे से मैकेनिक कमल किशोर ने बताया कि उसने अपनी ही बाइक पर सबसे पहले इस डिवाइस का प्रयोग किया और इसके बारे में किसी को भी नहीं बताया।
जब कोई उससे उसकी बाइक मांग कर ले जाता तो वह उसके कुछ दूर जाने के बाद मोबाइल से बाइक को बंद कर देता। वह कितनी भी कोशिश कर लें उसे स्टार्ट नहीं कर पाता और बाइक सवार थक हार कर उसको बाइक लौटा जाता।
वैसे इस बाइक को मोबाइल से अनलॉक भी किया जा सकता है। इसके लिए बाइक में लगे फोन से कॉल करना पड़ेगा। जिस मोबाइल से अनलॉक किया है, उस पर कॉल रिसीव होने के बाद ही बाइक स्टार्ट हो सकती है। यानि इस डिवाइस के साथ दो मोबाइल होना जरुरी है।
मोबाइल का महंगा होना जरुरी नहीं
कमल किशोर के अनुसार, बाइक पर लगाया जाने वाले मोबाइल का महंगा होना जरुरी नहीं है, इसमें कम कीमत वाला फोन भी लगा सकते हैं। दूसरा फोन एक वाहन मालिक के पास होना जरुरी है। कुल मिलाकर कहें तो बाइक पर लगा मोबाइल वाहन स्वामी के पर्सनल मोबाइल से कनेक्टेड रहेगा जिससे कि बाइक पर लगे मोबाइल पर कॉल करने से बाइक स्टार्ट या आॅफ की जा सकती है। इतना ही नहीं आप इस डिवाइस की मदद से अपनी बाइक की लोकेशन भी पता कर सकते हैं।
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